आयोग एक नज़र में > आयोग की शक्तियां

छत्तीसगढ़ शासन की अधिसूचना क्रमांक- 186/2000 एवं वर्ष 2000 द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया है।

 

आयोग की शक्तियां

आयोग को धारा- 9 की उपधारा (1) के अधीन अपने कृत्यों का पालन करते समय और विशिष्टतया निम्नलिखित विषयों की बाबत किसी वाद का विचारण करने वाले किसी सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां होगी अर्थात:-

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(क) राज्य के किसी भी भाग से किसी व्यक्ति को समन कर, उसे हाजिर करके उसकी शपथ पर परीक्षण कर सकता है ।
(ख) किसी दस्तावेज को प्रकट और पेश करने की अपेक्षा कर सकता है ।
(ग) शपथ- पत्रों पर साक्ष्य ग्रहण कर सकता है ।
(घ) किसी न्यायालय या कार्यालय से किसी लोक अभिलेख या उसकी प्रतिलिपि की अध्यापेक्षा करना ।
(ड़) साक्षियों और दस्तावेजों की परीक्षा के लिए कमीशन निकालना ।
(च) कोई अन्य विषय जो विहित किया जाये ।