हमारे बारे में > आयोग अधिनियम 1995

छत्तीसगढ़ शासन की अधिसूचना क्रमांक- 186/2000 एवं वर्ष 2000 द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया है।

 

छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग अधिनियम 1995

(दिनांक- 24 मई 1995 के राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हुई । अनुमति म.प्र.राजपत्र (असाधारण) में दिनांक 29 जून 1995 को प्रथम बार प्रकाशित की गई ।)
राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन करने और उससे संसक्त या उसके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए अधिनियम । भारत गणराज्य के छियालीसवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियम हो:-



अध्याय-1 प्रारंभिक

संक्षिप्त नाम और प्रारंभ

1. (1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग अधिनियम 1995 है ।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण मध्यप्रदेश राज्य पर है ।
(3) यह ऐसी तारीख को प्रवृत्त होगा जो राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा नियम करें ।

परिभाषायें :

2. इस अधिनियम में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो :-
(क) आयोग से अभिप्रेत है धारा 3 के अधीन गठित मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग।
(ख) सदस्य से अभिप्रेत है आयोग का, सदस्य तथा अध्यक्ष (चेयरपर्सन) सम्मिलित है ।
(ग) अनुसूचित जनजातियों से अभिप्रेत है ऐसी जनजातियां या जनजाति समुदाय अथवा ऐसी जनजातियों या जनजाति समुदायों के भाग या उनमें के यूथ जिन्हें भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के अधीन मध्यप्रदेश राज्य के संबंध में अनुसूचित जनजातियों के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है ।